मात्रक/इकाई
नोट्स
* किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए उस राशि के एक निश्चित परिमाण को मानक मान लेते हैं तथा इस मानक को कोई नाम दे देते हैं, इसी को उस राशि का मात्रक (Unit)कहते हैं। भौतिक राशियों के मापन के लिए निम्नलिखित चार पद्धतियां प्रचलित हैं
(1)C.G.S. पद्धति:- इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः सेंटीमीटर, ग्राम तथा सेकंड होते हैं, इसलिए इसेCentimeter- Gram-Second याC.G.S. पद्धति कहते हैं। इसे फ्रेंच या मीट्रिक पद्धति भी कहते हैं।
नोट: यांत्रिकी में आने वाली सभी भौतिक राशियों को 'लंबाई'(Length), द्रव्यमान (Mass)तथा समय (Time)के मात्रकों में व्यक्त किया जाता है। इन तीनों राशियों के मात्रक एक-दूसरे से पूर्णतया स्वतंत्र हैं तथा इनमें से किसी एक को किसी अन्य मात्रक में बदला अथवा उससे संबंधित नहीं किया जा सकता। अतः इन राशियों को मूल राशियां कहते हैं तथा इनके मात्रकों को मूल मात्रक कहते हैं।
(2)F.P.S. पद्धति:- इसे ब्रिटिश पद्धति भी कहते हैं। इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः फुट, पाउंड और सेकंड होते हैं।
(3)M.K.S. पद्धति:- इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः मीटर, किलोग्राम एवं सेकंड होते हैं।
(4)S.I. पद्धति:- वर्ष1960 में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय माप-तौल के महाधिवेशन में इस पद्धति को स्वीकार किया गया। वर्तमान में इसी पद्धति का प्रयोग किया जाता है। इस पद्धति में सात मूल मात्रक होते हैं।
टिप्पणियाँ